पाठ 01
बिजली क्या है?
परमाणु से बल्ब तक: बिजली की बिल्कुल आसान कहानी।
परमाणु और इलेक्ट्रॉन
हर चीज़ बहुत छोटे कणों यानी परमाणुओं से बनी है। परमाणु के अंदर प्रोटॉन और न्यूट्रॉन बीच में रहते हैं, और इलेक्ट्रॉन उनके चारों ओर घूमते हैं। इलेक्ट्रॉन पर ऋणात्मक (−) आवेश होता है।
बिजली कैसे बनती है?
तांबे जैसी धातुओं में कुछ इलेक्ट्रॉन आसानी से अपनी जगह छोड़ देते हैं। जब इन्हें किसी बैटरी का धक्का मिलता है, तो ये एक ही दिशा में बहने लगते हैं। इसी बहाव को विद्युत धारा (करंट) कहते हैं।
चालक और कुचालक
- चालक: जिनमें से बिजली आसानी से गुज़रती है, जैसे तांबा, एल्युमिनियम।
- कुचालक: जिनमें से बिजली नहीं गुज़रती, जैसे रबर, प्लास्टिक, सूखी लकड़ी।
एक आसान उदाहरण
टॉर्च में बैटरी, स्विच, बल्ब और तार होते हैं। स्विच दबाते ही रास्ता पूरा हो जाता है और बल्ब जल उठता है। रास्ता टूटते ही बल्ब बुझ जाता है। इसीलिए बिजली को हमेशा एक पूरे बंद सर्किट की ज़रूरत होती है।
याद रखें
इलेक्ट्रॉनों का बहाव = करंट। बंद रास्ता = सर्किट।